{Best} Motivational Stories in Hindi – बदलाव की कहानियाँ

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motivational stories in hindi

मुसीबते हमारी ज़िंदगी का एक सच है। कोई इस बात को समझ कर मुसीबत के आगे अपना रास्ता बनाता है तो कोई थक हार कर वही बैठ जाता है. ऐसे में Motivational Stories in hindi हमें inspire करती है.
अक्सर हमारे सामने मुसीबते आती है तो हम उनके सामने पस्त हो जाते है. उस समय motivational stories in hindi प्रेरित करती है जब हमे कुछ समझ नहीं आता की क्या सही है और क्या गलत. हर व्यक्ति का situations को देखने का नज़रिया अलग अलग होता है. जब हमें कोई राह दिखाने वाला नहीं होता है तब inspirational कहानियां हमारे काम आती है

Motivational Stories in Hindi


 

The Butterfly

एक दिन एक दयालु आदमी को तितली का कोकून मिला. वो उस कोकून में से तितली को बाहर निकलता देखने के लिए बैठ गया और तितली को कई घंटों तक देखता रहा. तितली के शरीर को उस छेद से बाहर आने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा था. उसके हालात में कोई बदलाव नहीं आ रहा था और ऐसा लग रहा था कि वह फंस गई.

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आदमी ने तितली की मदद करने का फैसला लिया. उसने कैंची ली और बाकी बचे कोकून की bit को काट कर अलग कर दिया। तितली आसानी से बाहर आ गई पर उसका शरीर पर सूजन थी और पंख छोटे व सूखे थे.

आदमी ने इसके बारे में कुछ भी नहीं सोचा था. अब आदमी तितली के पंखों के फैलने का इंतजार करने लगा लेकिन वैसा नहीं हुआ. आदमी की सहायता की वजह से अब तितली अपने सारा जीवन उड़ने में असमर्थ रही, साथ ही छोटे पंखों और सूजी हुई शरीर के साथ घूमने को मजबूर थी.

भला इंसान होने की वजह से उसने तितली की मदद की थी . वो ये नहीं समझा की ये एक Natural प्रक्रिया है. कोकून से निकलने की लिए तितली को संघर्ष की आवश्यकता होती है.  तितली को अपने अस्तित्व के लिए खुद ही संघर्ष करना था.

The Son

एक अमीर आदमी और उसके बेटे को कला की rare paintings collect करने का शौक था. उनके collection में Picaso से लेकरRaphael तक सब कुछ था. वे दोनों अक्सर साथ बैठकर कला के महान कार्यों की तारीफ करते थे.जब वियतनाम विवाद हुआ तो बेटे को युद्ध के लिए जाना पड़ा. युद्ध में एक अन्य सैनिक की जान बचाते हुए वो युद्ध में मारा गया. पिता को मौत की सूचना मिलने के बाद वो दुख में डूब गया था.

लगभग एक महीने बाद, क्रिसमस से ठीक पहले, दरवाजे पर दस्तक हुई. एक जवान आदमी अपने हाथों में package के साथ दरवाजे पर खड़ा था. उसने कहा, “महोदय, आप मुझे नहीं जानते, लेकिन मैं एक सैनिक हूं और वही इन्सान हूँ जिसके लिए आपके बेटा अपना जीवन खो बैठा. वो अक्सर आपके और कला के प्रति जो आपका प्यार है उसके बारे में बात किया करते थे. सैनिक ने package बुजुर्ग को सौपते हुए कहा, “मुझे पता है की मैं एक महान कलाकार नहीं हूं”,

पिता ने वो package खोला उसमे उनके बेटे  एक painting थी जो सैनिक ने बनाया था. अपने बेटे की painting देखते ही पिता की आंखों में आँसू आ गए. उन्होंने जवान आदमी को धन्यवाद दिया और painting के लिए उसे भुगतान करने की offer की. “ओह, नहीं सर, आपके बेटे ने जो मेरे लिया किया मैं उसकी कीमत कभी नहीं चूका सकता. ये picture मेरी तरफ से एक gift है.”

पिता ने painting को ऐसी जगह लगाया की घर में आने-जाने वालो की नज़र सबसे पहले उस painting पर ही पड़े. दूसरी paintings को वो बाद में देखे. पिता की मौत कुछ महीनो बाद हो गई. उनकी paintings का एक बड़ा auction organised किया गया जिसमे बहुत सारे लोग आये. वहां आए सभी लोग excited थे की उन्हें महान लोगों का काम देखने और खरीदने का मौका मिल रहा है. auction  बेटे की तस्वीर के साथ शुरू हुआ. Auctioneer  ने कहा, कौन इस painting के लिए बोली लगाना चाहेगा? तभी पीछे से एक आदमी चिल्लाया की, इसे हटाओ हम दूसरी famous painting देखना चाहते है.

Auctioneer फिर चिल्लाया, कौन इस painting पर bid करना चाहेगा? तभी एक आदमी बोला हम यहाँ Van Goghs, the Rembrandts की painting के लिए आए है. Auctioneer  फिर बोला, इस बेटे को कौन लेना चाहेगा?

आख़िरकार room में से एक आवाज़ आयी. ये इन्सान लम्बे समय से आदमी और उसके बेटे का gardener था. वो बोला गरीब इंसान होने के नाते में बस 10$ ही दे सकता हूँ और painting उसे दे दी गई. भीड़ गुस्से से भर रही थी क्योंकी वो Van Goghs, the Rembrandts को देखना चाहते थे.

अब एक आदमी बोला की auction आगे बढ़ाओ. इतने में auctioneer बोला, sorry नीलामी अब खत्म हो गई है. मुझे auction conduct करते वक़्त ये बात बताने की इज़ाज़त नहीं थी. बुर्जुर्ग आदमी की will  में यही लिखा था की सिर्फ बेटे के ही painting बेचीं जाएगी और जो बेटे की painting खरीदेगा उसे ही बाकि की सारी paintings उसे ही दे दी जाएगी.

Story of a Girl

काफी सालो की बात है एक किसान बहुत गरीब था. उसकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी. इसी वजह से उसे गांव के साहूकार से क़र्ज़ लेना पड़ा. काफी समय बीत जाने के बाद भी किसान क़र्ज़ नहीं चूका पाया था. साहूकार बूढ़ा और बदसूरत था. उसके खराब व्यवहार के कारण गांव में कोई साहूकार को पसंद नहीं करता था. किसान के परिवार में सिर्फ उसकी बेटी ही थी जो बहुत सुन्दर, होशियार और स्वभाव की अच्छी थी.

एक बार साहूकार की नज़र उस पर पड़ गयी. किसान की बेटी पर साहूकार मोहित हो गया और उसे शादी करने की सोचने लगा. साहूकार ये भी जनता था की किसान अपनी लड़की की शादी उसे कभी नहीं करेगा फिर भी वो किसान के खेत की तरफ बढ़ने लगा. खेत तक जाने का रास्ता रोड़ियों से भरा था. किसान और उसकी बेटी दोनों वही थे.

साहूकार ने किसान से क़र्ज़ के बारे में बात करते हुए शर्त रखी – अगर तुम अपनी बेटी का विवाह उससे करते हो

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तो तुम्हारा सारा क़र्ज़ ब्याज समेत माफ़ कर देगा. किसान और उसकी बेटी दोनों हैरान हो गए. धूर्त साहूकार ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा की इस शर्त का फैसला ना आप ना मैं करूँगा बल्कि भाग्य करेगा.

  • इतना कहते हुए साहूकार ने अपनी जेब से एक पोटली निकाली और कहा की इसमें मैं एक काला और सफ़ेद रंग का कंकड़ डालेगा. उसकेबाद तुम्हारी बेटी को एक कंकड़ निकलना होगा जिसके बाद की शर्त ये होगी.
  • अगर उसने काळा रंग का कंकड़ निकाला तो उसे मुझसे शादी करनी होगी और क़र्ज़ भी माफ़ कर दिया जाएगा.
  • अगर सफ़ेद रंग का कंकड़ निकाला तो इसे मुझसे विवाह नहीं करना होगा और क़र्ज़ भी माफ़ कर दिया जाएगा.

लेकिन कंकड़ निकालने से माना किया तो तुम्हे जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा.

जब किसान और उसकी बेटी साहूकार की शर्त के बारे में आपस में बात कर रहे थे. तभी सहककार कंकड़ को उठाने के लिए नीचे झुका. किसान की बेटी ने साहूकार को दो काले कंकड़ उठा कर पोटली में डालते हुए देख लिया. नियमो के अनुसार एक काला और एक सफ़ेद कंकड़ डालना था. साहूकार ने लड़की को कंकड़ निकालने के लिए बोलता है.

किसान की लड़की साहूकार की धोखेबाज़ी को समझ गई थी. उसने पोटली से कंकड़ निकाला और बिना देखे जानबूझ के कंकड़-पत्थरो से भरे रास्ते में गिरा दिया.काला कंकड़ भी दूसरे कंकड़ों में मिल गया. साहूकार को इस बात पर गुस्सा आया पर लड़की बोली की आप चिंता ना करे, आप पोटली खोल कर देख ले कोनसा कंकड़ बचा हुआ है इसे साफ हो जाएगा की मैंने कौनसा कंकड़ निकाला था काला या सफ़ेद?

ये तो निश्चित हो ही चूका था की पोटली में काला कंकड़ होगा. जैसाकि आप जानते है की पोटली में दोनों ही काले कंकड़ थे. ऐसे ये साबित हो गया की लड़की ने सफ़ेद कंकड़ निकाला है. साहूकार को मज़बूरी में किसान का सारा क़र्ज़ माफ़ करना पड़ा. इस प्रकार लड़की ने अपनी चालाकी और समझदारी से साहूकार की धोखेबाज़ी का मुँह तोड़ जवाब दिया.

Secret of Happiness

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सालो पहले की बात है, एक गाँव में महान तपस्वी ऋषि रहा करते थे. लोग दूर-दूर से उनके पास अपनीसमस्याएं लेकर जाते थे और ऋषि उनका मार्गदर्शन करते थे. एक दिन ऋषि के पास एक व्यक्ति आया. उसने ऋषि से एक प्रश्न पूछा की “गुरुदेव मैं यह जानना चाहता हूँ की जीवन में हमेशा खुश रहने का राज़ क्या है (What is the Secret of Happiness)?” ऋषि ने उस व्यक्ति से कहा की जंगल में आज तुम मेरे साथ चलो, मैं तुम्हे खुश रहने का रहस्य बताता हूँ.

ऐसा कहकर ऋषि और वह व्यक्ति दोनों जंगल की तरफ जाने लगे. रास्ते में ऋषि ने एक बड़ा सा पत्थर उठाया और उस व्यक्ति को कहा की इसे पकड़ो और चलो. ऋषि की आज्ञा मानते हुए उस व्यक्ति ने पत्थर को उठाया और वह ऋषि के साथ जंगल की तरफ चलने लगा.

काफी समय बाद उस व्यक्ति के हाथ में दर्द होने लगा लेकिन वह चुपचाप चलता रहा. लेकिन जब चलते हुए बहुत समय बीत गया और उस व्यक्ति का दर्द सहने के बाहर हो गया तो उसने ऋषि से कहा की मुझे दर्द हो रहा है. ऋषि ने कहा की अब इस पत्थर को नीचे रख दो. भरी भरकम पत्थर को नीचे रखने पर उस व्यक्ति को बड़ी राहत महसूस हुई.

तब ऋषि ने कहा – “यही है खुश रहने का राज़ (Secret of Happiness)”. व्यक्ति ने कहा – गुरुवर मैं समझा नहीं.
तो ऋषि ने कहा-

जिस तरह इस पत्थर को एक मिनट तक हाथ में रखने पर थोडा सा दर्द होता है. अगर इसे एक घंटे तक हाथ में रखें तो थोडा ज्यादा दर्द होता है. अगर इसे ओर ज्यादा समय तक उठाये रखेंगे तो दर्द बढ़ता जायेगा. उसी तरह दुखों के बोझ को जितने ज्यादा समय तक उठाये रखेंगे उतने ही ज्यादा हम दुख और निराशा में डूबते रहेंगे. यह हम पर निर्भर करता है कि हम दुखों के बोझ को एक मिनट तक उठाये रखते है या उसे जिंदगी भर. अगर तुम खुश रहना चाहते हो तो दुखी रुपी पत्थर को जल्दी से जल्दी नीचे रखना सीख लो और हो सके तो उसे उठाओ ही नहीं.

God v/s Farmer

एक बार एक किसान ईश्वर से बड़ा नाराज हो गया. इसकी वजह थी बाढ़, सूखा, तेज़ धूप और ओले पड़ जाने से उसकी फसल ख़राब हो जाती थी. एक दिन दुखी हो कर उसने भगवान से कहा देखिये प्रभु, आप परमात्मा हैं , लेकिन मुझे ऐसा लगता है की आपको खेती-बाड़ी की ज्यादा जानकारी नहीं है ,एक प्रार्थना है की एक साल मुझे मौका दे, जैसा मै चाहू वैसा मौसम हो, फिर आप देखना मै कैसे अन्न के भण्डार भर दूंगा. भगवान मुस्कुराये और कहा ठीक है, जैसा तुम चाहोगे वैसा ही मौसम दूंगा, मै दखल नहीं करूँगा.

किसान ने गेहूं की फ़सल बोई ,जब धूप चाही, तब धूप मिल गयी जब पानी चाह तब पानी मिल गया. तेज धूप, ओले,बाढ़ ,आंधी तो उसने आने ही नहीं दी, समय के साथ फसल से उसके खेत लहलहाने लगे. किसान की ख़ुशी का ठिकाना न रहा क्योंकि ऐसी फसल उसकी कभी नहीं हुई थी. किसान मन ही मन सोचने लगा अब पता चलेगा ईश्वर को, की फ़सल कैसे उगाते हैं ,बेकार ही इतने बरस हम किसानो को परेशान करते रहे.

फ़सल कटाई का समय आ गया. किसान बड़े गर्व और ख़ुशी से फ़सल काटने गया, लेकिन जैसे ही फसल काटने लगा ,एकदम से छाती पर हाथ रख कर बैठ गया. अरे ये क्या गेहूं की एक भी बाली के अन्दर गेहूं नहीं था ,सारी बालियाँ अन्दर से खाली थी, बड़ा दुखी होकर उसने परमात्मा से कहा ,प्रभु ये क्या हुआ ?

तब परमात्मा बोले- ये तो होना ही था, तुमने पौधों को संघर्ष का ज़रा सा भी मौका नहीं दिया. ना तेज धूप में उनको तपने दिया , ना आंधी ओलों से जूझने दिया ,उनको किसी प्रकार की चुनौती का अहसास नहीं होने दिया , इसीलिए सब पौधे खोखले रह गए, जब आंधी आती है, तेज बारिश होती है ओले गिरते हैं तब पौधा अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष करता है और इस संघर्ष से जो बल पैदा होता है वो ही उसे शक्ति देता है ,ऊर्जा देता है, जिसकी वजह से उसके अन्दर नए बीज पैदा होते हैं.

उसी तरह जिंदगी में भी अगर संघर्ष ना हो ,चुनौती ना हो तो आदमी खोखला ही रह जाता है, उसके अन्दर कोई गुण नहीं आ पाता ! ये चुनोतियाँ ही हैं जो आदमी को एक नई उर्जा देती हैं उसे जीने का, कुछ कर दिखाने का मकसद देती हैं, हर दिन एक नया काम देती हैं, सोचो अगर ये सब न हो तो ज़िन्दगी कैसी होगी. इसलिए चुनौतिओं से डरो यां भागो नहीं बल्कि उनसे कुछ नया सीखने की कोशिश करो. जैसे सोना आग में तप कर कुंदन बनता है इसी तरह से इन चुनौतिओं में खुद को तपायो, फिर देखना आपका वो व्यक्तिव सामने आएगा जिसे दुनिया सलाम करेगी और आप खुद उससे प्यार करेंगे.

 

इसी तरह हमारा सुख और दुख हमारी सोच पर निर्भर करता है. जब-जब आपके कदम डगमगाएं आप motivational stories in hindi का सहारा ले सकते है. ये motivational stories in hindi कभी आपको थक कर हारने नही देगी.

आशा करते है की motivational stories in hindi आपको मुश्किलों से लड़ने और ज़िन्दगी में आगे बदने में आपको मदद करेगी. अगर आपको हमारी  motivational stories in hindi पसंद आई तो अपने दोस्तों के साथ भी इसे share करे.

 

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